लद्दाख में गरजा राफेल की, बौखलाया चीन
प्रिय मित्रों जय श्रीकृष्णा, राधे राधे.......
भारत और चीन में भारी तनातनी के चलते लद्दाख मे भारतीय सेना द्वारा तैनात किए गये राफेल जेट से बौखला गया चीन।
चीन की सेना पीपल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा लद्दाख के पास अपने क्षेत्र में रात के समय अपने विरोधी पर युद्ध का अभ्यास किया गया। इस दौरान चीनी सेना ने जहां गोले दागे, वहीं जमीन से हवा में मार करने मिसाइल का परीक्षण भी किया गया। चीन की सेना के हवाई सुरक्षा प्रक्रिया ने शत्रु के हवाई जहाज को मार गिराने का भी अभ्यास किया।
लद्दाख में गरजा राफेल की, बौखलाया चीन
चीनी सरकारी भोपू ग्लोबल टाइम्स ने एक वीडियो जारी करते हुए बताया है कि तिब्बत सैन्य कमाण्ड के चीनी सैनिकों ने रात्रिकालीन आक्रमण का व्यापक पैमाने पर अभ्यास किया है। यह अभ्यास समुद्र तल सेलगभग 4500 मीटर की ऊँचाई पर किया गया है।
लद्दाख में गरजा राफेल की, बौखलाया चीन
राफेल लद्दाख के आसमान में भर रहा उड़ान
चीन ने यह युद्धाभ्यास ऐसे समय पर किया है जब भारत का सबसे आधुनिक फाइटर जेट राफेल लद्दाख के आसमान में उड़ान भर रहा है। सूत्रों के मुताबिक राफेल पायलटों ने अंबाला से लद्दाख तक विमानों को उड़ाया। दरअसल, ये एक प्रैक्टिस के तौर पर किया गया। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि राफेल पायलट वहां के मौसम और वातावरण से परिचित हो जाएं। अगर चीन किसी भी तरह की गुस्ताखी करे और राफेल की जरूरत पड़े तो उसके पायलट इस वातावरण से पहले से ही परिचित हों।
रविवार को रक्षा सूत्रों ने कहा कि सीमा पर कुछ मिराज विमान भी उड़ान भरते देखे गए हैं। वायुसेना ने बीते 10 सितंबर को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित एक समारोह में राफेल विमानों को वायुसेना में शामिल किया था। इससे पूर्व जुलाई के आखिर में फ्रांस से पांच राफेल विमान अंबाला पहुंचे थे। मिडएयर रीफ्यूलिंग के बिना 4.5-जनरेशन के राफेल्स की सीमा 780-किमी से 1,650 किमी तक होती है। ये अलग-अलग ऑपरेशन पर निर्भर करता है। इसके अलावा लड़ाकू विमानों को 300 किलोमीटर से अधिक लंबी दूरी के `स्कैल्प 'एयर-टू-ग्राउंड क्रूज़ मिसाइलों जैसे लंबे स्टैंड-ऑफ हथियारों से लैस किया गया है।
भारत और चीन के बीच आज हो रही बातचीत
वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चल रहे तनाव के बीच सोमवार को एक बार फिर दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की बातचीत हो रही है। यह कोर कमांडर स्तर की छठी वार्ता होगी। खास बात यह है कि इसमें विदेश मंत्रालय का एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होगा।
सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की यह वार्ता चीन वाले हिस्से मोल्दो में हो रही है। इस वार्ता से भारत कुछ मजबूत हल चाहता है। SCO समिट के दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने आश्वासन दिया था कि डिसइंगेजमेंट को लेकर वे गंभीर हैं।
भारत और चीन के विदेश मंत्रियों ने वादा किया था कि पूर्व के समझौतों का सम्मान किया जाएगा। भारत की तरफ से प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेह के 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह कर सकते हैं वहीं चीन की तरफ से वार्ता में मेजर जनरल लिउ लिन शामिल होंगे।
भारत और चीन के विदेश मंत्रियों ने वादा किया था कि पूर्व के समझौतों का सम्मान किया जाएगा। भारत की तरफ से प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेह के 14 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह कर सकते हैं वहीं चीन की तरफ से वार्ता में मेजर जनरल लिउ लिन शामिल होंगे।
भारत इस वार्ता में चीन पर तुरंत फिंगर पॉइंट से हटने का दबाव डाल सकता है। अब तक चीन और भारत के बीच की बातचीत बेनतीजा साबित हुई हैं। चीन कहता कुछ और है और कहता कुछ और है। शांति और अपनी सीमा में रहने का आश्वासन देने के बाद भी वह विस्तारवादी नीति से बाज नहीं आ रहा है।

Jai Hind Jai Bharat 🙏
ReplyDeleteजय हिन्द
Deleteजय भारत भाई साहब