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Showing posts from January, 2021

सहजन वृक्ष के आयुर्वेद मे लाभ

प्रिय मित्रों जय श्रीकृष्णा, राधे राधे.... .  सहजन वृक्ष के आयुर्वेद मे लाभ         परिचय :                सहजन के पेड़ अधिकतर हिमालय के तराई वाले जंगलों में ज्यादा पायें जाते हैं। सहजन के पेड़ छोटे या मध्यम आकार के होते हैं। इसकी छाल और लकड़ी कोमल होती है। सहजन के पेड़ की टहनी बहुत ही नाजुक होती है जो बहुत जल्दी टूट जाती है। इसके पत्ते 6-9 जोड़े में होते हैं। फलियां 6-18 इंच लम्बी 6 शिराओं से युक्त और धूसर होती हैं। सहजन के पेड़ तीन प्रकार के होते हैं जिन पर लाल, काले और सफेद फूल खिलते हैं। लाल रंग के फूल वाले पेड़ की सब्जी खाने में मीठी और सफेद रंग के फूल वाले पेड़ की सब्जी कटु होती है। तासीर : सहजन का स्वभाव गर्म होता है।  सहजन वृक्ष के आयुर्वेद मे लाभ         विभिन्न भाषाओं में सहजन के नाम :                 हिन्दी सहजन। संस्कृत शोभानजना। अंग्रेजी Horse radish tree, Drum stick plant. राजस्थान सेनणा, सहजन। पंजाबी शुभांजना। बंगाली सजीना। तेलगु शोरगी। मराठी शोरग...