पूर्व कर्मचारी के सम्मान में रतन टाटा ने रखा था इस कार का नाम
प्रिय मित्रों जय श्रीकृष्णा, राधे राधे.....
टाटा मोटर्स की लोकप्रिय कार रही टाटा सूमो के नाम को लेकर लोगों मे शायद यह भ्रान्ति रही है कि इस कार की साइज को नजर में रखकर इसका नामकरण किया होगा। जबकि सच्चाई इसके विलकुल विपरीत रही है। रतन टाटा सदैव अपने कर्मचारियों के सम्मान को ध्याल मे रखकर काम करते है।
पूर्व कर्मचारी के सम्मान में रतन टाटा ने रखा था इस कार का नाम
इस कार का नाम रखने की काफी दिलचस्प कहानी रही है। वास्तव मे टाटा ने इस 10 सीटर का नाम टाटा मोटर्स के पूर्व यमडी सुमंत मुलगावकर के नाम के दोनो शब्दों के पहले अक्षरों को मिलाकर सुमो रखा था। खास बात यह कि यह टाटा सुमो काफी लकी रही व इसकी अच्छी खासी बिक्री भी हुई।
पूर्व कर्मचारी के सम्मान में रतन टाटा ने रखा था इस कार का नाम
इस टाटा सुमो को विशेष रूप से यात्रा के उद्देश्य से ही बनायी गयी थी। साथ ही बडी गाडी के शौकीन लोगो ने टाटा सुमों को विशेष रूप से पसंद भी किया था। अपने कर्मचारियों के हितों को ध्यान रखने वाले टाटा ग्रुप के चेयरमैन, मानवता व नैतिकता वादी, हर समय लोगो की मदद को तैयार रहने वाले, देशभक्त रतन टाटा के कामकाज के तरीके की यह एक मिशाल बन गयी।
टाटा मोटर्स ने टाटा सुमो को सन 1994 मे निकाला था। सुमो को 10 सीट वाली कार के रूप में निकाला गया।इसका उपयोग मिलेट्री और आँफ रोड यात्रा के लिए निर्मित की गयी थी। इसके निर्माण के बाद बहुत बडी सफलता मिली थी, सन 1997 तक एक लाख से अधिक सुमो कार बिक चुकी थी।यही सब कारण है टाटा मोटर्स विश्व स्तर की सबसे बडी आटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कम्पनियों मे से एक है।
यह समाचार (लेख) पसंद आया हो तो शेयर अवश्य करे तथा अपनी राय भी देने का कष्ट करें। जिससे हमारा हौसला बढाने में आपकी सहभागिता बनी रहें।




Comments
Post a Comment