यू पी पंचायत चुनाव 2020 में दावेदारों ने बदली रणनीति
प्रिय मित्रों जय श्रीकृष्णा, राधे राधे.....
मेरठ सहित वेस्ट यूपी में हाल के दिनों में हाईवे, एक्सप्रेस-वे में मुआवजा आदि को लेकर करीब दो महीने से आंदोलन चल रहे हैं। इस बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मतदाता पुनरीक्षण की घोषणा हो गई।
अगले साल जनवरी-फरवरी में चुनाव की उम्मीद है। ऐसे में पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट के बीच अब आंदोलन भी तेज होने लगे हैं। आंदोलन में भागीदारी के आधार पर ही टिकट की दावेदारी होगी। खुफिया विभाग ने इसको लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है।
गंगा एक्सप्रेस वे के एलाइनमेंट के मुद्दे पर राजनीति
27 अगस्त को मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे के नए एलाइनमेंट की सूचना यूपीडा के वेबसाइट पर जारी हुई। इसके बाद जिले के खरखौदा, किठौर क्षेत्र के पंचायतों से जुड़े जनप्रतिनिधियों की राजनीति तेज हो गई।
जिले में पहले 32 गांवों का एलाइनमेंट था, जो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के काशी से प्रारंभ होना था।
कंसलटेंट की स्टडी रिपोर्ट में उसे पहले हाजीपुर से नया एलाइनमेंट बताया गया। बाद में बिजौली के पास से एलाइनमेंट को फाइनल किया गया।
हाजीपुर एलाइनमेंट को लेकर जिला पंचायत सदस्य सतपाल सिंह आंदोलन चला रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अन्य गांवों के प्रधान और अन्य सदस्य जुड़े हुए हैं। अन्य मुद्दों पर अब सभी पार्टियों के लोग आंदोलन में जुट गए हैं। अचानक धरना-प्रदर्शन भी तेज हो गए हैं।
उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
खुफिया विभाग ने आंदोलनों को लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। बताया है कि आने वाले समय में अब छोटे-छोटे मुद्दों को लेकर भी आंदोलन हो सकते हैं।
गांव-गांव में पंचायत चुनाव की तैयारी चल रही है। हर मुद्दे पर किसानों, ग्रामीणों के बीच लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक सतर्कता जरूरी बताई गई है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को लेकर डासना से मेरठ के बीच एक समान मुआवजे की मांग करते हुए दो महीने से आंदोलन चल रहा है।
आंदोलन का नेतृत्व किसान नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश राठी, बबली गुर्जर गाजियाबाद जिले में कर रहे हैं। वहीं, सपा नेता पवन गुर्जर परतापुर, काशी, अछरौंडा, भूड़बराल, सोलाना आदि में आंदोलनरत हैं।
इनकी नजर भी पंचायत चुनाव पर है। इनके साथ कई गांवों के वर्तमान, पूर्व प्रधान जुटे हैं। बीडीसी सदस्य भी कहीं न कहीं इन आंदोलनों में शामिल हैं।
गंगा एक्सप्रेस वे के एलाइनमेंट के मुद्दे पर राजनीति
27 अगस्त को मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे के नए एलाइनमेंट की सूचना यूपीडा के वेबसाइट पर जारी हुई। इसके बाद जिले के खरखौदा, किठौर क्षेत्र के पंचायतों से जुड़े जनप्रतिनिधियों की राजनीति तेज हो गई।
जिले में पहले 32 गांवों का एलाइनमेंट था, जो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के काशी से प्रारंभ होना था। कंसलटेंट की स्टडी रिपोर्ट में उसे पहले हाजीपुर से नया एलाइनमेंट बताया गया। बाद में बिजौली के पास से एलाइनमेंट को फाइनल किया गया।
हाजीपुर एलाइनमेंट को लेकर जिला पंचायत सदस्य सतपाल सिंह आंदोलन चला रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अन्य गांवों के प्रधान और अन्य सदस्य जुड़े हुए हैं। अन्य मुद्दों पर अब सभी पार्टियों के लोग आंदोलन में जुट गए हैं। अचानक धरना-प्रदर्शन भी तेज हो गए हैं।
उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
खुफिया विभाग ने आंदोलनों को लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। बताया है कि आने वाले समय में अब छोटे-छोटे मुद्दों को लेकर भी आंदोलन हो सकते हैं।
गांव-गांव में पंचायत चुनाव की तैयारी चल रही है। हर मुद्दे पर किसानों, ग्रामीणों के बीच लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक सतर्कता जरूरी बताई गई है।
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